BEGIN:VCALENDAR
VERSION:2.0
PRODID:-// - ECPv6.15.16//NONSGML v1.0//EN
CALSCALE:GREGORIAN
METHOD:PUBLISH
X-ORIGINAL-URL:https://books.buddharashmi.in
X-WR-CALDESC:Events for 
REFRESH-INTERVAL;VALUE=DURATION:PT1H
X-Robots-Tag:noindex
X-PUBLISHED-TTL:PT1H
BEGIN:VTIMEZONE
TZID:UTC
BEGIN:STANDARD
TZOFFSETFROM:+0000
TZOFFSETTO:+0000
TZNAME:UTC
DTSTART:20230101T000000
END:STANDARD
END:VTIMEZONE
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20240629
DTEND;VALUE=DATE:20240630
DTSTAMP:20260415T020646
CREATED:20240510T050148Z
LAST-MODIFIED:20240720T051002Z
UID:1738-1719619200-1719705599@books.buddharashmi.in
SUMMARY:कृष्ण अष्टमी (Uposath Day)
DESCRIPTION:भगवान बुद्ध के समय में उनके मार्ग पर चलने वाले अष्टमी के दिन अष्टांग उपोसथ शील धारण करते थे एवं अपने जीवन में अप्रमाण पुण्य जमा करते थे। यह उपोसथ शील अत्यंत उत्तम एवं निर्मल है। इसे पालन करने से मन में प्रसन्नता जागती है एवं शोक दूर होता है। अरहन्त मुनि लोगों का अनुसरण करते हुए यह उपोसथ शील पालन किया जाता है।
URL:https://books.buddharashmi.in/event/uposath-day-krushna-ashthami-2/
CATEGORIES:krushna_ashthami,Uposath Day
ATTACH;FMTTYPE=image/jpeg:https://books.buddharashmi.in/wp-content/uploads/2024/05/krushnapaksha_ashthami-e1715316737196.jpg
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20240622
DTEND;VALUE=DATE:20240623
DTSTAMP:20260415T020646
CREATED:20240510T050124Z
LAST-MODIFIED:20240720T071028Z
UID:1737-1719014400-1719100799@books.buddharashmi.in
SUMMARY:पूर्णिमा (Uposath Day)
DESCRIPTION:इस पूर्णिमा के दिन ये विशेष घटनाएँ घटित हुई थी \n\nश्रीलंका में भगवान बुद्ध के धर्म को स्थापित करने हेतु अरहन्त महेन्द्र भन्ते जी श्रीलंका के अनुराधपुर में मिहिन्तले स्थान पर आगमन\nश्रीलंका के राजा देवानंपियतिस्स सहित 40\,000 लोगों को अरहन्त महेन्द्र भन्ते जी के द्वारा चुल्लहत्थिपदोपम सूत्र का धर्म प्रवचन करना
URL:https://books.buddharashmi.in/event/uposath-day-poornima-2/
CATEGORIES:poornima,Uposath Day
ATTACH;FMTTYPE=image/jpeg:https://books.buddharashmi.in/wp-content/uploads/2024/05/6.-june.jpg
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20240614
DTEND;VALUE=DATE:20240615
DTSTAMP:20260415T020646
CREATED:20240510T050226Z
LAST-MODIFIED:20240720T051227Z
UID:1736-1718323200-1718409599@books.buddharashmi.in
SUMMARY:शुक्ल अष्टमी (Uposath Day)
DESCRIPTION:भगवान बुद्ध के समय में उनके मार्ग पर चलने वाले अष्टमी के दिन अष्टांग उपोसथ शील धारण करते थे एवं अपने जीवन में अप्रमाण पुण्य जमा करते थे। यह उपोसथ शील अत्यंत उत्तम एवं निर्मल है। इसे पालन करने से मन में प्रसन्नता जागती है एवं शोक दूर होता है। अरहन्त मुनि लोगों का अनुसरण करते हुए यह उपोसथ शील पालन किया जाता है।
URL:https://books.buddharashmi.in/event/uposath-day-shukla-asthami-2/
CATEGORIES:shukla_ashthami,Uposath Day
ATTACH;FMTTYPE=image/jpeg:https://books.buddharashmi.in/wp-content/uploads/2024/05/shuklapaksha_asthami-e1715317020247.jpeg
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20240606
DTEND;VALUE=DATE:20240607
DTSTAMP:20260415T020646
CREATED:20240510T050205Z
LAST-MODIFIED:20240720T051045Z
UID:1732-1717632000-1717718399@books.buddharashmi.in
SUMMARY:अमावस्या (Uposath Day)
DESCRIPTION:भगवान बुद्ध के समय में उनके मार्ग पर चलने वाले अमावस्या के दिन अष्टांग उपोसथ शील धारण करते थे एवं अपने जीवन में अप्रमाण पुण्य जमा करते थे। यह उपोसथ शील अत्यंत उत्तम एवं निर्मल है। इसे पालन करने से मन में प्रसन्नता जागती है एवं शोक दूर होता है। अरहन्त मुनि लोगों का अनुसरण करते हुए यह उपोसथ शील पालन किया जाता है।
URL:https://books.buddharashmi.in/event/uposath-day-amavasya/
CATEGORIES:amavasya,Uposath Day
ATTACH;FMTTYPE=image/jpeg:https://books.buddharashmi.in/wp-content/uploads/2024/05/amavasya-e1715316810980.jpeg
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20240531
DTEND;VALUE=DATE:20240601
DTSTAMP:20260415T020646
CREATED:20240501T155616Z
LAST-MODIFIED:20240720T051010Z
UID:1541-1717113600-1717199999@books.buddharashmi.in
SUMMARY:कृष्ण अष्टमी (Uposath Day)
DESCRIPTION:भगवान बुद्ध के समय में उनके मार्ग पर चलने वाले अष्टमी के दिन अष्टांग उपोसथ शील धारण करते थे एवं अपने जीवन में अप्रमाण पुण्य जमा करते थे। यह उपोसथ शील अत्यंत उत्तम एवं निर्मल है। इसे पालन करने से मन में प्रसन्नता जागती है एवं शोक दूर होता है। अरहन्त मुनि लोगों का अनुसरण करते हुए यह उपोसथ शील पालन किया जाता है।
URL:https://books.buddharashmi.in/event/uposath-day-krushna-ashthami/
CATEGORIES:krushna_ashthami,Uposath Day
ATTACH;FMTTYPE=image/jpeg:https://books.buddharashmi.in/wp-content/uploads/2024/05/krushnapaksha_ashthami-e1715316737196.jpg
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20240523
DTEND;VALUE=DATE:20240524
DTSTAMP:20260415T020646
CREATED:20240501T155527Z
LAST-MODIFIED:20240720T070649Z
UID:1539-1716422400-1716508799@books.buddharashmi.in
SUMMARY:पूर्णिमा (Uposath Day)
DESCRIPTION:इस पूर्णिमा के दिन ये विशेष घटनाएँ घटित हुई थी \n\nसिद्धार्थ बोधिसत्व का मनुष्य लोक में आगमन (जन्म)\nसिद्धार्थ बोधिसत्व की बुद्धत्व प्राप्ति (सम्बुद्धत्व)\nभगवान बुद्ध का महापरिनिर्वाण\nबुद्धत्व के पश्चात् कपिलवस्तु में आगमन एवं शाक्यों के अहंकार को खंडित करने हेतु ‘यमक महाप्रातिहार्य’ नामक अद्भुत सिद्धि का प्रदर्शन\nबुद्धत्व के 8 वर्ष पश्चात् तीसरी बार श्रीलंका में आगमन\nश्रीलंका के श्रीपाद पर्वत के शीखर पर भगवान बुद्ध के द्वारा नीलमणि में श्रीचरण के पदचिन्ह को स्थापित करना\nभगवान बुद्ध का अग्र सेवक अरहन्त आनन्द भन्ते जी का परिनिर्वाण\nभगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण के दिन ही राजकुमार विजय का श्रीलंका द्विप में आगमन एवं सिंहली जाति की शुरुआत
URL:https://books.buddharashmi.in/event/uposath-day-poornima/
CATEGORIES:poornima,Uposath Day
ATTACH;FMTTYPE=image/jpeg:https://books.buddharashmi.in/wp-content/uploads/2024/05/5.-may.jpg
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20240515
DTEND;VALUE=DATE:20240516
DTSTAMP:20260415T020646
CREATED:20240501T155401Z
LAST-MODIFIED:20240720T051218Z
UID:1537-1715731200-1715817599@books.buddharashmi.in
SUMMARY:शुक्ल अष्टमी (Uposath Day)
DESCRIPTION:भगवान बुद्ध के समय में उनके मार्ग पर चलने वाले अष्टमी के दिन अष्टांग उपोसथ शील धारण करते थे एवं अपने जीवन में अप्रमाण पुण्य जमा करते थे। यह उपोसथ शील अत्यंत उत्तम एवं निर्मल है। इसे पालन करने से मन में प्रसन्नता जागती है एवं शोक दूर होता है। अरहन्त मुनि लोगों का अनुसरण करते हुए यह उपोसथ शील पालन किया जाता है।
URL:https://books.buddharashmi.in/event/uposath-day-shukla-asthami/
CATEGORIES:shukla_ashthami,Uposath Day
ATTACH;FMTTYPE=image/jpeg:https://books.buddharashmi.in/wp-content/uploads/2024/05/shuklapaksha_asthami-e1715317020247.jpeg
END:VEVENT
BEGIN:VEVENT
DTSTART;VALUE=DATE:20240508
DTEND;VALUE=DATE:20240509
DTSTAMP:20260415T020646
CREATED:20240501T121126Z
LAST-MODIFIED:20240720T051036Z
UID:1518-1715126400-1715212799@books.buddharashmi.in
SUMMARY:अमावस्या (Uposath Day)
DESCRIPTION:भगवान बुद्ध के समय में उनके मार्ग पर चलने वाले अमावस्या के दिन अष्टांग उपोसथ शील धारण करते थे एवं अपने जीवन में अप्रमाण पुण्य जमा करते थे। यह उपोसथ शील अत्यंत उत्तम एवं निर्मल है। इसे पालन करने से मन में प्रसन्नता जागती है एवं शोक दूर होता है। अरहन्त मुनि लोगों का अनुसरण करते हुए यह उपोसथ शील पालन किया जाता है।
URL:https://books.buddharashmi.in/event/uposath-day/
CATEGORIES:amavasya,Uposath Day
ATTACH;FMTTYPE=image/jpeg:https://books.buddharashmi.in/wp-content/uploads/2024/05/amavasya-e1715316810980.jpeg
END:VEVENT
END:VCALENDAR